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Police को मिली 65 लाख की आधुनिक फॉरेंसिक वैन, अपराध जांच में आएगी नई तेजी

By: दैनिक जाग्रत

Published On: Monday, May 25, 2026 7:00 AM

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न्यूज डेस्क, दैनिक जागृत।।मुंगेली जिले में अब अपराध जांच का तरीका पहले जैसा नहीं रहेगा। घटनास्थल पर पहुंचने वाली पुलिस के साथ अब आधुनिक तकनीक भी मौजूद होगी, जो सबूतों को तेजी और सटीकता से जुटाने में मदद करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन ने पुलिस व्यवस्था में नई उम्मीद जगा दी है।

करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में आयोजित विशेष कार्यशाला के दौरान सेवा के लिए रवाना किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर मंत्रालय से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने हरी झंडी दिखाकर वैन को जिले के लिए रवाना किया।

अपराध जांच को मिलेगी नई ताकत

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह वैन कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और साक्ष्य अधिक सुरक्षित तरीके से जुटाए जा सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय में अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है। ऐसे में वैज्ञानिक जांच प्रणाली पुलिस के लिए बेहद जरूरी हो गई है।

मौके पर ही जुटेंगे वैज्ञानिक साक्ष्य

बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं पुलिस की कार्यप्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाएंगी। उनका मानना है कि इससे आपराधिक मामलों का त्वरित और वैज्ञानिक निराकरण संभव होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का पूरा उपयोग करेगी और अपराधियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पुलिस अधिकारियों के बीच भी इस नई सुविधा को लेकर उत्साह देखा गया।

निष्पक्ष जांच में मिलेगी मदद

मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि न्याय व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार निष्पक्ष जांच होती है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को समान न्याय मिलना चाहिए और वैज्ञानिक साक्ष्य इस प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन पुलिस को सटीक और पारदर्शी जांच करने में बड़ी सहायता देगी। इससे अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

पुलिस अधिकारियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई।

उन्होंने बताया कि किसी भी मामले में साक्ष्य को सुरक्षित रखना कितना महत्वपूर्ण होता है और किस तरह छोटी लापरवाही भी जांच को प्रभावित कर सकती है। अधिकारियों को मौके पर प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए।

साथ ही अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया गया।

बचत की अपील का भी दिखा असर

कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की बचत संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने ऑनलाइन माध्यम से ही कार्यशाला में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और अनावश्यक खर्च कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह, बार काउंसिल अध्यक्ष श्री राजमन सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के कई थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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